Pooja Tyagi and Veni Thakur on The Founder's Dream podcast

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रियल एस्टेट में 22 साल तक काम करने के बाद भी मीटिंग रूम में ज्यादातर चेहरे मर्दों के होते हैं — यही अनुभव पूजा त्यागी को अपनी कंपनी Estate Queens बनाने तक ले गया। द फाउंडर्स ड्रीम के होस्ट अभिषेक व्यास के साथ इस बातचीत में पूजा त्यागी और वेणी ठाकुर ने अपनी फाउंडर की जर्नी और Estate Queens की शुरुआत कैसे हुई, यह बताया, साथ ही यह भी बताया कि कैसे धोलेरा स्मार्ट सिटी में ज़मीन निवेश महिलाओं के लिए बिजनेस आइडिया बन सकता है, और निवेश करने से पहले किन चीज़ों की जांच ज़रूरी है।

Pooja Tyagi and Veni Thakur कौन हैं?

पूजा त्यागी रियल एस्टेट स्ट्रेटजिस्ट और इन्वेस्टमेंट एजुकेटर हैं, जिन्होंने अपना करियर ग्राउंड लेवल से शुरू किया। वे बताती हैं, “मैंने तो बिल्कुल ग्राउंड से अगर मैं आपको अपना पर्सनल बताऊं तो मैंने ग्राउंड से साइट पे खड़े हो के काम करना शुरू किया था।” शुरुआती सालों में सबसे बड़ी दिक्कत मेहनत नहीं, बल्कि बिल्डरों से समय पर पेमेंट न मिलना थी।

यही तकलीफ उनके आगे के फैसले की वजह बनी:

“बेसिकली बिल्डर्स से पेमेंट मिलने में बहुत दिक्कत होती थी। तो इसीलिए मैंने सोचा था कि मैं एक दिन एक ऐसी कंपनी बनाऊंगी जहां जो चीजें मैंने फेस की है इस सेक्टर में पेमेंट्स की… वो सारी चीजें हेड्स ऑफ है।”

वेणी ठाकुर आज कंपनी में डायरेक्टर की भूमिका में हैं और सेल्स, प्रेजेंटेशन और ब्रोकर नेटवर्क संभालती हैं। उनकी एंट्री की कहानी भी दिलचस्प है — वे कहती हैं, “जब मैं रियलस्टेट में आई थी, आई फेल्ट द सेम ऑल द मैन और डायरेक्टर पोस्ट। और मुझे लगता था कोई फीमेल जरूर होनी चाहिए।” पूजा त्यागी से एक पारिवारिक मुलाकात के बाद यही ख्याल हकीकत बना।

महिलाओं के लिए बिजनेस आइडिया: रियल एस्टेट में एस्टेट क्वींस का मॉडल

पूजा त्यागी का मानना है कि भारत में रियल एस्टेट अभी भी महिलाओं के लिए साइडलाइन इंडस्ट्री बना हुआ है, जबकि दुबई जैसे बाज़ारों में महिलाएं बड़ी संख्या में काम कर रही हैं। इसी गैप को भरने के लिए Estate Queens ने एक फ्रीलांसिंग मॉडल तैयार किया है, जिसमें आज 40 महिलाएं कंपनी के साथ इन-हाउस और 250 महिलाएं फ्रीलांसिंग एंटरप्राइज़िंग मॉडल के तहत जुड़ी हैं। यह मॉडल उन महिलाओं के लिए भी खुला है जो नौकरी कर रही हैं और एक अच्छा साइड बिजनेस आइडिया या साइड इनकम की तलाश में हैं।

पूजा साफ कहती हैं कि यह मौका मुफ्त है — “ये फ्री ऑफ कॉस्ट है। ये सिर्फ मेरा और उनका हम दोनों का म्यूचुअल सपना पूरा करने के लिए हमने एसओपी बनाई है। इसमें कोई इन्वेस्टमेंट हम उनसे किसी तरह की कोई इन्वेस्टमेंट हम नहीं ले रहे हैं।” उनका तर्क है कि आज की महंगाई में एक लाख-डेढ़ लाख की सैलरी वाली नौकरी भी नोएडा-गुड़गांव में आराम से घर चलाने के लिए काफी नहीं है, इसलिए रियल एस्टेट फ्रीलांसिंग एक ठोस अतिरिक्त कमाई का ज़रिया बन सकती है। जो पाठक रियल एस्टेट को करियर के तौर पर देखना चाहते हैं, वे रियल एस्टेट बिजनेस पर बना यह पॉडकास्ट एपिसोड भी सुन सकते हैं।

वे यह भी जोड़ती हैं कि महिलाओं का निवेश में जोखिम लेने का नज़रिया अलग होता है, और इसी वजह से वे बेहतर फैसले ले सकती हैं। साथ ही वे हर महिला को खुद रिसर्च करने की सलाह देती हैं, न कि सिर्फ पिता, भाई या पार्टनर पर निर्भर रहने की:

“फीमेल को स्पेशली मैं बहुत जोर देके फीमेल्स को ये बोलती हूं कि आप जब भी कोई इन्वेस्टमेंट प्लान कर रहे हैं तो आप उसको खुद आरएडी करें… आप भी तो चेक कर सकते हो। आप भी तो देख सकते हो।”

धोलेरा स्मार्ट सिटी: निवेश का यह मौका क्यों बन रहा है चर्चा का विषय

धोलेरा गुजरात में अहमदाबाद से करीब 110 किलोमीटर दूर बसाया जा रहा एक प्लांड शहर है, जिसका क्षेत्रफल 900 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा है — यानी सिंगापुर से भी बड़ा। पूजा त्यागी बताती हैं कि जिस ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानर ने दुबई का मास्टर प्लान तैयार किया था, उसी ने धोलेरा का मास्टर प्लान बनाया है। दुबई और सिंगापुर मॉडल की तरह यहां भी पहले शहर को कागज़ पर प्लान किया गया, फिर ज़मीन पर उतारा गया।

आज एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और ABCD बिल्डिंग जैसी इंफ्रा तैयार हो चुकी है। टाटा का सेमीकंडक्टर फैब प्रोजेक्ट यहां ₹91,000 करोड़ के निवेश के साथ आया है, जिसे पूजा “देश के लिए क्रांति” बताती हैं — ठीक वैसे ही जैसे गुजरात से शुरू हुई दूध क्रांति। छह साल पहले जब उन्होंने धोलेरा में काम शुरू किया था, तब वहां पक्की सड़क तक नहीं थी और जमीन की कीमतें बेहद कम थीं। आज इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद वही जमीन कई गुना ज्यादा कीमत पर बिक रही है।

वेणी ठाकुर इसमें एक और अहम पहलू जोड़ती हैं — धोलेरा एक एक्ट-बेस्ड सिटी है, जिसकी नींव मनमोहन सिंह के समय रखी गई और एग्जीक्यूशन मोदी सरकार में हुआ। उनके मुताबिक सरकार की इसमें 49% फंडिंग है, जो इसे बाकी असफल स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स से अलग बनाती है।

निवेश से पहले कौन से लीगल चेक ज़रूरी हैं

पूजा त्यागी बार-बार एक बात दोहराती हैं — धोलेरा को फ्रॉड कहना गलत है, लेकिन धोलेरा के नाम पर फ्रॉड ज़रूर हो सकते हैं। उनके शब्दों में:

“देखिए दुलहरा को फ्रॉड कहना गलत है। बट हां दुलहरा के नाम पर फ्रॉड हो सकते हैं।”

इसीलिए निवेश करने से पहले वे पांच चीज़ें चेक करने की सलाह देती हैं:

  • NA (नॉन-एग्रीकल्चरल) क्लियरेंस चेक करें
  • NOC वेरिफाई करें
  • प्लान पास है या नहीं, यह देखें
  • सर्च रिपोर्ट और टाइटल क्लियर की जांच करें
  • डेवलपमेंट की टाइमलाइन का पता करें

एक और अहम पॉइंट है TP ज़ोन और बाहर की ज़मीन के बीच का फर्क। TP ज़ोन में सरकार खुद डेवलपमेंट कर रही है और वहां ज़मीन अनडिवाइडेड शेयर के तौर पर मिलती है — छोटे-छोटे अलग प्लॉट नहीं खरीदे जा सकते। TP ज़ोन के बाहर की ज़मीन में 100 से 500 गज तक के छोटे प्लॉट अलग से खरीदे जा सकते हैं। पूजा चेतावनी देती हैं कि कई बार लोग धोलेरा से 40 किलोमीटर दूर की ज़मीन को भी “धोलेरा” बताकर सस्ते में बेच देते हैं, और सिर्फ कम कीमत देखकर लोग उसमें पैसा लगा बैठते हैं।

बड़े और छोटे निवेशक की सोच में फर्क

पूजा के अनुभव में 15-20 करोड़ का निवेश करने वाले बड़े निवेशक पहले से पूरी रिसर्च करके आते हैं और लंबे समय तक होल्ड करने की मानसिकता रखते हैं। वहीं छोटे बजट, यानी 5-10 लाख के रिटेल निवेशकों को अक्सर यह भी नहीं पता होता कि उन्हें कौन से सवाल पूछने चाहिए। इसी वजह से Estate Queens अपने छोटे क्लाइंट्स को भी ग्रुप में धोलेरा ले जाकर ग्राउंड रियलिटी दिखाती है और एक चेकलिस्ट देती है, ताकि वे कहीं भी निवेश करें, अपनी सुरक्षा खुद कर सकें।

वेणी ठाकुर इसमें जोड़ती हैं कि सिर्फ Instagram पर सुंदर 3D इमेज या सेलिब्रिटी एड देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए — असल फर्क लोकेशन, लीगल डॉक्यूमेंटेशन और डेवलपर की एग्जीक्यूशन पावर से पड़ता है। जो लोग रियल एस्टेट से जुड़े और भी उतार-चढ़ाव भरे सफर पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए रियल एस्टेट में राम कुमार की सफलता की कहानी भी एक अच्छा उदाहरण है कि कैसे धैर्य और मेहनत से इस सेक्टर में जगह बनाई जाती है।

क्या रियल एस्टेट गोल्ड, क्रिप्टो और स्टॉक मार्केट से बेहतर है?

वेणी ठाकुर के मुताबिक गोल्ड में निवेश ठीक है, क्रिप्टो के लिए वर्ल्ड इकॉनमी की गहरी समझ चाहिए, और स्टॉक मार्केट अभी उतार-चढ़ाव भरा है। उनके शब्दों में रियल एस्टेट का भरोसा इसलिए ज्यादा है क्योंकि इसमें डॉक्यूमेंटेशन होता है, प्रॉपर्टी की चाबी हाथ में होती है और यह “विज़िबल” एसेट है। यही वजह है कि लोग इसे प्राथमिकता देते हैं, बशर्ते सही रिसर्च के साथ निवेश किया जाए।

अगर आप हिंदी में और भी उद्यमियों की सफलता की कहानी और बिजनेस पॉडकास्ट सुनना चाहते हैं, तो भारत के बेहतरीन हिंदी बिजनेस पॉडकास्ट की यह लिस्ट देखें। होस्ट अभिषेक व्यास के साथ पूरी बातचीत देखिए द फाउंडर्स ड्रीम यूट्यूब चैनल पर, और हर हफ़्ते नए फाउंडर इंटरव्यू के लिए सब्सक्राइब कीजिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

धोलेरा स्मार्ट सिटी में निवेश करने से पहले कौन से लीगल डॉक्यूमेंट चेक करने चाहिए?

पूजा त्यागी के मुताबिक NA, NOC, प्लान पास, सर्च रिपोर्ट और टाइटल क्लियर के साथ-साथ डेवलपमेंट की टाइमलाइन ज़रूर चेक करनी चाहिए।

TP ज़ोन और बाहर की जमीन में क्या फर्क है?

TP ज़ोन सरकार द्वारा डेवलप किया जा रहा एरिया है जहां जमीन अनडिवाइडेड शेयर के रूप में मिलती है, जबकि बाहर की जमीन में छोटे-छोटे प्लॉट अलग से खरीदे जा सकते हैं।

क्या रियल एस्टेट महिलाओं के लिए बिजनेस आइडिया हो सकता है?

हां, Estate Queens की टीम में 40 महिलाएं इन-हाउस काम करती हैं और 250 महिलाएं फ्रीलांसिंग मॉडल पर जुड़ी हैं, जो साइड इनकम या फुल-टाइम करियर दोनों के लिए मौका देता है।

धोलेरा में जमीन की कीमत कितनी बढ़ी है?

पूजा त्यागी बताती हैं कि छह साल पहले धोलेरा में जमीन बहुत सस्ती मिलती थी, और आज इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद उसकी कीमत कई गुना बढ़ चुकी है।

छोटे बजट में धोलेरा में निवेश कैसे शुरू करें?

पूजा के मुताबिक अच्छी लोकेशन का छोटा प्लॉट 10 से 12 लाख में मिल जाता है, लेकिन इन्वेस्टमेंट से पहले ग्राउंड पर जाकर देखना और सारे लीगल पेपर चेक करना ज़रूरी है।

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About the Host

Abhishek Vyas, creator of The Founder’s Dream, India’s top Hindi business podcast, delivers powerful storytelling and viral conversations with leading founders and creators. His show helps guests share authentic journeys, expand their brands, and connect with millions of engaged listeners.

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