Amogh Keegadi on The Founder's Dream podcast

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बेंगलुरु की ट्रैफिक और कंक्रीट से थके हुए आईटी प्रोफेशनल्स अब हर वीकेंड शहर से बाहर निकलकर रिज़ॉर्ट ढूंढते हैं। यही पैटर्न देखकर Mox Estates के फाउंडर अमोघ कीगड़ी ने एक पूरा बिजनेस मॉडल खड़ा कर दिया — मैनेज्ड फार्मलैंड। द फाउंडर्स ड्रीम पॉडकास्ट पर होस्ट अभिषेक व्यास के साथ हुई इस Amogh Keegadi इंटरव्यू में अमोघ ने बताया कि Mox Estates की शुरुआत कैसे हुई, और आज यह कंपनी बेंगलुरु के आसपास 300 एकड़ से ज़्यादा कृषि भूमि मैनेज कर रही है।

यह एपिसोड उन लोगों के लिए खासतौर पर काम का है जो रियल एस्टेट में नए एसेट क्लास या गांव में चलने वाला बिजनेस आइडिया तलाश रहे हैं। अमोघ ने अपनी जर्नी, PDSM मॉडल, लीगल चेक और लेबर मैनेजमेंट की असली चुनौतियों पर खुलकर बात की।

बेंगलुरु के आईटी प्रोफेशनल्स खेती की ज़मीन में निवेश क्यों कर रहे हैं

अमोघ के मुताबिक ज़्यादातर लोगों को यह पता ही नहीं कि कृषि भूमि एक अच्छा निवेश हो सकती है। उन्होंने बताया:

बहुत से लोगों को नहीं पता कि कृषि भूमि में निवेश करना एक अच्छा निवेश है और उन्हें उस पर अच्छा रिटर्न मिल सकता है। आईटी वाले लोग हर हफ्ते बेंगलुरु से बाहर रिज़ॉर्ट के लिए जाते हैं — जो चीज़ वे शहर में मिस कर रहे होते हैं, वही हमारे प्रोजेक्ट में उन्हें मिल जाती है।

यानी यह सिर्फ निवेश की बात नहीं, शहर की भागदौड़ से राहत की तलाश भी है। लोग अपनी ज़मीन पर समय बिताने आते हैं, जैसे किसी पर्सनल रिट्रीट में।

PDSM मॉडल: मैनेज्ड फार्मलैंड कैसे काम करता है

Mox Estates का पूरा बिजनेस मॉडल एक चार-चरण की प्रक्रिया पर टिका है जिसे वे PDSM कहते हैं — Procure, Develop, Sell, Manage। कंपनी बेंगलुरु से 60-70 किलोमीटर के दायरे में कृषि भूमि खरीदती है, उसमें क्लबहाउस और एमेनिटीज़ जैसी सुविधाएं डेवलप करती है, फिर ग्राहकों को बेचती है और बिक्री के बाद भी उसकी देखभाल करती रहती है।

अमोघ इसे सीधे शब्दों में समझाते हैं:

आप बेंगलुरु में बैठ सकते हैं, आपकी ज़मीन हमारे द्वारा मेंटेन की जाएगी। हम सिर्फ ज़मीन खरीद और बेच नहीं रहे, हम उसकी वैल्यू भी बना रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि Mox Estates जानबूझकर बंजर ज़मीन नहीं खरीदती। कंपनी पुराने, 20 साल तक के प्लांटेशन वाली ज़मीनें चुनती है ताकि ग्राहक को तुरंत हरियाली और “वाओ फैक्टर” मिले, न कि दस साल इंतज़ार करना पड़े।

Mox Estates की शुरुआत कैसे हुई

Mox Estates की शुरुआत कैसे हुई, यह कहानी भी दिलचस्प है और अमोघ की फाउंडर की जर्नी को बहुत अच्छी तरह दिखाती है। कंपनी की स्थापना 2020 में, यानी कोविड के दौरान हुई। पहला प्रोजेक्ट 2021 में कनकपुरा में 12 एकड़ ज़मीन के साथ शुरू हुआ, जिसका नाम रखा गया “मोक्षा अश्व”। पहली ग्राहक अमेरिका में रहने वाली एक महिला थीं जिन्होंने पूरी प्रॉपर्टी वर्चुअली देखकर ही बुक कर ली थी, और बाद में बेंगलुरु आकर प्रोजेक्ट देखा। वह पूरा प्रोजेक्ट सिर्फ छह महीनों में बिक गया।

उसी सफलता के बाद कंपनी ने बेंगलुरु में अपना पहला ऑफिस खोला। आज Mox Estates के पास आठ प्रोजेक्ट हैं — छह पूरे हो चुके हैं, तीन चल रहे हैं — और कुल मिलाकर 300 एकड़ से ज़्यादा कृषि भूमि मैनेज की जा रही है, बेंगलुरु के दक्षिण, पश्चिम और पूर्व में। यह ग्रोथ उन लोगों के लिए एक ठोस सफलता की कहानी है जो अपने दम पर छोटा बिजनेस आइडिया बड़ा करना चाहते हैं।

18-20% अपेक्षित रिटर्न और Nature BnB का कॉन्सेप्ट

अमोघ का दावा है कि कृषि भूमि पर 18-20% तक अपेक्षित appreciation मिल सकता है, लेकिन इसे तीन हिस्सों में समझना ज़रूरी है — ज़मीन की कीमत बढ़ना, फसल (नारियल, आम, चीकू, अमरूद) से मिलने वाली आमदनी, और Nature BnB से मिलने वाला किराया। जिन्हें इस तरह के फार्म-स्टे मॉडल को और गहराई से समझना है, वे MyFarmland.co के बिजनेस मॉडल पर लिखे इस लेख से तुलना कर सकते हैं कि फार्म स्टे से कमाई कैसे बनती है।

Nature BnB में ग्राहक अपनी खरीदी ज़मीन के एक हिस्से पर छोटा घर बनवाकर उसे Mox Nature BnB पर लिस्ट कर सकते हैं और BHK के हिसाब से हर महीने फिक्स्ड इनकम पा सकते हैं। कर्नाटक सरकार की एग्रोटूरिज्म पॉलिसी के तहत एक एकड़ ज़मीन के 10% हिस्से पर घर बनाना कानूनी रूप से मान्य है। अमोघ ने साफ कहा:

यह फिक्स्ड डिपॉज़िट नहीं है जहां हर महीने 6-8% गारंटीड मिले। हम ग्राहकों की सोच बदल रहे हैं कि मैनेज्ड फार्मिंग में निवेश करना फिक्स्ड डिपॉज़िट जैसा नहीं है।

यानी रिटर्न की उम्मीद ज़रूर है, पर गारंटी नहीं। जो लोग सिर्फ निवेश नज़रिए से सोचते हैं, वे ज़मीन से जुड़ी शांति और प्रकृति का अनुभव मिस कर सकते हैं — और अमोघ के मुताबिक यही असली वजह है जो ग्राहकों को उनके पास वापस लाती है।

ज़मीन खरीदने से पहले लीगल चेक, पानी और मिट्टी की जांच

रियल एस्टेट में टाइटल सबसे अहम चीज़ है, और कृषि भूमि के मामले में यह और भी ज़्यादा ज़रूरी हो जाता है क्योंकि यहां RERA जैसी कोई नियामक संस्था नहीं होती। अमोघ बताते हैं कि फैमिली ट्री, RTC और एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट जैसी चीज़ें 1940-50 के दशक तक के दस्तावेज़ों से जांचनी पड़ती हैं।

ग्राहक लीगल एडवाइज़र को 30-40 हज़ार रुपये दे सकते हैं, और उन्हें यह ज़रूर करना चाहिए। हम ग्राहकों को पूरे दस्तावेज़ देते हैं ताकि वे खुद पढ़ सकें कि ज़मीन हमारे पास कैसे आई।

Mox Estates तीन चीज़ों की गारंटी देती है — क्लियर टाइटल, पानी का स्रोत और मिट्टी की गुणवत्ता। अलग-अलग इलाकों की टोपोग्राफी अलग होती है — चिकमगलूर में कॉफी और सुपारी जैसी फसलें होती हैं जबकि कनकपुरा में फलदार और जंगली पेड़ बेहतर उगते हैं। जो निवेशक सिर्फ प्रकृति और शांति चाहते हैं उनके लिए चिकमगलूर बेहतर है, लेकिन जिन्हें ज़मीन की कीमत बढ़ने की उम्मीद है उनके लिए दक्षिण बेंगलुरु, खासकर कनकपुरा और मद्दूर, बेहतर विकल्प बताए गए।

लेबर मैनेजमेंट: खेती की ज़मीन संभालने की असली चुनौती

अमोघ साफ मानते हैं कि ज़मीन बेचना आसान है, मुश्किल है उसे संभालना। उनके शब्दों में:

ज़मीन बेचना हमारे लिए बिल्कुल मुश्किल काम नहीं है। लेकिन कृषि भूमि को मैनेज करना बहुत मुश्किल है — पानी ज़रूरी है, लेबर मैनेजमेंट बहुत ज़रूरी है। लेबर के बिना कुछ नहीं हो सकता।

यही वजह है कि हर प्रोजेक्ट में एग्रोनॉमिस्ट टीम, फार्म डेवलपमेंट टीम, सिक्योरिटी और वॉटर मैनेजमेंट का अलग सेटअप रखा जाता है, और ग्राहक ऐप के ज़रिए अपनी ज़मीन पर हो रहे काम की अपडेट देख सकते हैं। जो आईटी प्रोफेशनल या डॉक्टर खुद खेती मैनेज करने का समय नहीं निकाल पाते, उनके लिए यही मेंटेनेंस फीस की असली वजह है — न कि सिर्फ मुनाफा कमाना।

अमोघ की अपनी सीख शिवमोगा के तीर्थहल्ली गांव से आई है, जहां उनके माता-पिता आज भी रहते हैं। वहीं से उन्होंने सीखा कि पानी, खाद और लेबर कब और कैसे मैनेज करनी है — और यही गांव की समझ आज उनके पूरे बिजनेस मॉडल की नींव है।

हर फाउंडर के लिए एक सीधी सलाह

पॉडकास्ट के अंत में अमोघ ने हर नए उद्यमी के लिए एक सीधी बात कही — प्लानिंग के बिना कोई भी बिजनेस आइडिया टिकता नहीं, और फाउंडर खुद अपने कारोबार की बारीकियां जाने बिना टीम पर पूरी तरह निर्भर नहीं रह सकता। उनके शब्दों में दिखता है कि असली सफलता की कहानी सिर्फ स्केल में नहीं, बल्कि उस विरासत में है जो पीछे छूट जाती है — जैसे कितने पेड़ लगाए गए, कितनी ज़मीन बचाई गई। ऐसी सीख और आत्म-विकास से जुड़ी बातें ही किसी भी फाउंडर की जर्नी को टिकाऊ बनाती हैं।

होस्ट अभिषेक व्यास के साथ पूरी बातचीत देखिए द फाउंडर्स ड्रीम यूट्यूब चैनल पर, और हर हफ़्ते नए फाउंडर इंटरव्यू के लिए सब्सक्राइब कीजिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Mox Estates क्या करती है?

Mox Estates एक मैनेज्ड फार्मलैंड कंपनी है जो बेंगलुरु के आसपास खेती की ज़मीन खरीदती है, उसे डेवलप करती है और ग्राहकों को बेचने के बाद उनकी तरफ से उस ज़मीन की देखभाल भी करती है।

PDSM मॉडल क्या है?

PDSM का मतलब है Procure, Develop, Sell, Manage यानी ज़मीन खरीदना, उसे विकसित करना, ग्राहकों को बेचना और फिर उनकी ओर से उसका रखरखाव करना।

क्या खेती की ज़मीन में 18-20% रिटर्न मिल सकता है?

अमोघ कीगड़ी के अनुसार ज़मीन की कीमत बढ़ने, फसल से मिलने वाली आमदनी और Nature BnB जैसी सुविधाओं को मिलाकर 18-20% तक अनुमानित रिटर्न की बात कही जाती है, लेकिन यह फिक्स्ड डिपॉज़िट जैसा गारंटीड रिटर्न नहीं है।

खेती की ज़मीन खरीदने से पहले कौन से लीगल चेक ज़रूरी हैं?

फैमिली ट्री, RTC (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स), एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट और क्लियर टाइटल की पूरी जांच ज़रूरी है, क्योंकि कृषि भूमि पर रेरा जैसी कोई नियामक संस्था नहीं होती।

Nature BnB क्या है?

Nature BnB, Mox Estates का एक कॉन्सेप्ट है जिसमें ग्राहक अपनी खरीदी हुई खेती की ज़मीन पर छोटा घर बनाकर उसे किराए पर लिस्ट कर सकते हैं और हर महीने एक फिक्स्ड आमदनी पा सकते हैं।

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About the Host

Abhishek Vyas, creator of The Founder’s Dream, India’s top Hindi business podcast, delivers powerful storytelling and viral conversations with leading founders and creators. His show helps guests share authentic journeys, expand their brands, and connect with millions of engaged listeners.

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