अगर आप एक ऐसा घर बैठे बिजनेस आइडिया ढूंढ रहे हैं जिसमें न इन्वेंटरी चाहिए, न डिलीवरी का झंझट — तो The Founder’s Dream के इस एपिसोड में होस्ट अभिषेक व्यास ने पूर्वेश महाजन से बिल्कुल यही सवाल पूछा। पूर्वेश, जिन्हें इंटरनेशनल मार्केट में “ब्लू कैप मार्केटर” के नाम से जाना जाता है, PM Digitals और SellU IQ के फाउंडर हैं और पांच साल से ज्यादा वक्त से हाई-कन्वर्टिंग फनल्स, परफॉर्मेंस मार्केटिंग और एआई ऑटोमेशन के जरिए डिजिटल बिजनेस स्केल कर रहे हैं।
पूर्वेश महाजन कौन हैं — ब्लू कैप मार्केटर की कहानी
पूर्वेश की जर्नी 2019 में शुरू हुई, जब उन्होंने सुना कि YouTube से लोग लाखों कमा लेते हैं। उन्होंने चैनल शुरू किया और 100 से ज्यादा वीडियो अपलोड किए — लेकिन छह महीने तक नतीजा जीरो रहा। टर्निंग पॉइंट एक वर्कशॉप में आया, जहां किसी ने बताया कि वो डिजिटल मार्केटिंग से महीने में $1000 से ज्यादा कमा रहा है।
2022 में उन्होंने गंभीरता से डिजिटल मार्केटिंग सीखना शुरू किया। शुरुआत में कुछ नहीं हुआ, फिर धीरे-धीरे पहले $10, फिर $50, और आखिरकार $1000 प्रति माह तक कमाई पहुंची। कॉलेज के दौरान साइड इनकम के लिए वेबसाइट डिजाइनिंग और फ्रीलांसिंग भी की, लेकिन असली बदलाव तब आया जब उन्होंने इंटरनेशनल मार्केट में एफिलिएट मार्केटिंग को डिस्कवर किया।
घर बैठे बिजनेस आइडिया के तौर पर एफिलिएट मार्केटिंग क्यों काम करती है
इंटरव्यू में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इस मॉडल के लिए लोकेशन मायने नहीं रखती। पूर्वेश कहते हैं कि लैपटॉप और इंटरनेट के साथ दुनिया के किसी भी कोने से काम किया जा सकता है। जिन्हें एक भरोसेमंद बिजनेस का प्रकार चुनने में उलझन रहती है, उनके लिए एफिलिएट मार्केटिंग एक कम-निवेश, जीरो-इन्वेंट्री विकल्प है, क्योंकि इसमें न प्रोडक्ट बनाना है, न डिलीवरी करनी है — सिर्फ सही ऑडियंस तक सही ऑफर पहुंचाना है। यही वजह है कि आज इसे सबसे भरोसेमंद ऑनलाइन बिजनेस आइडिया में गिना जाता है, खासकर उन लोगों के लिए जो कम बजट में डिजिटल दुनिया में शुरुआत करना चाहते हैं।
इंडिया बनाम इंटरनेशनल एफिलिएट मार्केट — कमीशन में इतना फर्क क्यों?
यह सवाल पूरे एपिसोड का केंद्र रहा। पूर्वेश का जवाब बिल्कुल साफ था:
“इंडिया में लिटरली चिंदी के भाव में कमीशन मिलता है और वहां पे आप भर-भर के सूटकेस भर-भर के कमीशन लेके जाते हो घर पे।”
उदाहरण के तौर पर, Flipkart और Amazon जैसे प्लेटफॉर्म अधिकतम 5% एफिलिएट कमीशन देते हैं। इसके मुकाबले इंटरनेशनल मार्केट में डिजिटल प्रोडक्ट्स पर 50-60% तक कमीशन मिल सकता है। यही वजह है कि पूर्वेश ने अपनी पर्सनल ब्रांडिंग भी इंटरनेशनल, खासकर USA मार्केट को ध्यान में रखकर बनाई।
दिलचस्प बात यह भी है कि उनका पर्सनल नाम “पूर्वेश” अमेरिकी ऑडियंस के लिए उच्चारण करना मुश्किल था, इसलिए उन्होंने “ब्लू कैप मार्केटर” नाम चुना — एक ऐसा कैची नाम जो याद रखना आसान है और आज B2B सॉफ्टवेयर फाउंडर्स के बीच पहचाना जाता है।
डिजिटल प्रोडक्ट्स फिजिकल प्रोडक्ट्स से बेहतर क्यों हैं
जब अभिषेक व्यास ने पूछा कि फिजिकल प्रोडक्ट क्यों नहीं चुने, तो पूर्वेश ने तीन सीधी वजहें गिनाईं:
“अगर आप फिजिकल प्रोडक्ट के अंदर जाते हो तो सबसे पहले तो फ्रॉड होने के सबसे ज्यादा चांसेस होते हैं। सेकंड आप एक ही बार प्रोडक्ट सेल करोगे, आपको एक ही बार कमीशन मिलेगा वो भी बहुत कम।”
डिजिटल प्रोडक्ट्स में कहानी अलग है — शुरुआती कमीशन के अलावा, जब तक ग्राहक सब्सक्रिप्शन रिन्यू करता रहता है, कमीशन भी मिलता रहता है। पूर्वेश ने इसका एक निजी उदाहरण दिया: 2022 में उन्होंने ClickFunnels का $500 का सब्सक्रिप्शन बेचा था, और आज भी उन्हें उस एक सेल से हर साल $500 का कमीशन मिलता है — सिर्फ इसलिए क्योंकि वो ग्राहक आज भी रिन्यू कर रहा है। यही रिकरिंग मॉडल डिजिटल प्रोडक्ट्स को पैसिव इनकम का बेहतरीन जरिया बनाता है।
SellU IQ प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है
पूर्वेश की कंपनी SellU IQ एफिलिएट्स और वेंडर्स को कनेक्ट करती है। वेंडर अपना डिजिटल प्रोडक्ट — जैसे AI टेम्पलेट्स, सॉफ्टवेयर या SaaS टूल — प्लेटफॉर्म पर लिस्ट करता है, और इंटरनेशनल मार्केट में बैठे एफिलिएट्स उसे प्रमोट करते हैं। एक टॉप-सेलिंग AI टेम्पलेट प्रोडक्ट पर एक ही एफिलिएट ने $150 से ज्यादा का रेवेन्यू जनरेट किया है।
आज प्लेटफॉर्म पर करीब 200 से ज्यादा इंटरनेशनल एफिलिएट्स और 100 से ज्यादा भारतीय एफिलिएट्स जुड़े हैं, साथ ही 200 से ज्यादा SaaS ब्रांड्स ऑनबोर्ड हो चुके हैं। इन-हाउस टीम 25 लोगों की है, और इसके अलावा कई फ्रीलांसर्स व इन्फ्लुएंसर्स भी साथ काम करते हैं। पेमेंट सिस्टम भी सीधा है — इंटीग्रेटेड पेमेंट गेटवे के जरिए पैसा पहले SellU IQ के पास आता है और फिर सात दिन के भीतर वेंडर व एफिलिएट दोनों को डिस्ट्रीब्यूट हो जाता है, जबकि फिजिकल प्रोडक्ट्स में यह प्रोसेस 30-60 दिन तक खिंच सकता है।
AI ने इस पूरे सिस्टम को और आसान बना दिया है। फनल बनाने के लिए अब डेवलपर हायर करने की जरूरत नहीं, Flexy Funnels जैसे टूल से पूरी वेबसाइट और पेमेंट सिस्टम कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है। जो लोग 2026 की मार्केटिंग स्ट्रैटेजी समझना चाहते हैं, उनके लिए यह बदलाव खासतौर पर ध्यान देने लायक है, क्योंकि परफॉर्मेंस मार्केटिंग अब टेक्निकल सेटअप नहीं, बल्कि सही स्ट्रैटेजी पर टिकी है।
बिगिनर्स के लिए तीन जरूरी चीजें
जब सवाल आया कि शुरुआत कैसे करें, पूर्वेश ने इसे बेहद सरल बना दिया — सिर्फ तीन चीजों पर फोकस करना है:
- ट्रैफिक — ऑर्गेनिक सोशल मीडिया कंटेंट या किसी भी चैनल से ऑडियंस तक पहुंचना
- एड्स — Facebook और सोलो एड्स जैसे पेड चैनल चलाना
- एआई सिस्टम — फनल, लैंडिंग पेज और ऑटो-रिस्पॉन्डर को ऑटोमेट करना
उनके मुताबिक अगर ये तीनों सही तरीके से सेट हो जाएं, तो दूसरे दिन से ही कमाई शुरू हो सकती है। एक शुरुआती एफिलिएट महीने में $3000 तक कमा सकता है, बशर्ते वो रोज़ाना $100 बनाने वाले सिस्टम पर काम करे। लेकिन टेक्निकल सेटअप से ज्यादा जरूरी है सही स्ट्रैटेजी — कौन सी ऑडियंस टारगेट करनी है और कौन सा प्रोडक्ट चुनना है। पूर्वेश साफ कहते हैं कि यह ह्यूमन स्किल कभी AI से रिप्लेस नहीं होगी।
कम्युनिकेशन की अहमियत समझाते हुए उन्होंने कॉपीराइटिंग का उदाहरण दिया:
“रैंडमली कुछ भी चीज नहीं होती। अगर आपको एक सिंपल एक पेन भी खरीदना है ना तब भी आप उसके बारे में से रिसर्च करोगे।”
यानी हर सेल के पीछे एक सोची-समझी स्ट्रैटेजी होती है — लैंडिंग पेज पर हर शब्द जानबूझकर लिखा जाता है, ताकि पढ़ने वाला ग्राहक समझ सके कि प्रोडक्ट उसके लिए क्यों सही है।
भारतीय क्लाइंट बनाम अमेरिकी क्लाइंट का अनुभव
पूर्वेश ने दोनों मार्केट में काम करने का फर्क भी खुलकर बताया। उनके अनुभव में अमेरिकी क्लाइंट समझदार और धैर्यवान होते हैं, जबकि भारतीय क्लाइंट के पास पैसा तो होता है लेकिन नतीजों को लेकर जल्दबाज़ी ज्यादा रहती है। यह फर्क सिर्फ कमीशन में नहीं, बल्कि काम करने के अनुभव में भी दिखता है, जो उनकी इंटरनेशनल मार्केट की पसंद को और मजबूत करता है।
जो लोग यह समझना चाहते हैं कि फाउंडर्स अपनी शुरुआती चुनौतियों से कैसे निपटते हैं, उनके लिए TFD podcast के दूसरे एपिसोड्स भी मददगार हैं जहां अलग-अलग इंडस्ट्री के फाउंडर अपनी सीख साझा करते हैं।
आखिरी सलाह: सोचना बंद करो, शुरू करो
एपिसोड के अंत में युवा एंटरप्रेन्योर्स के लिए पूर्वेश का संदेश बेहद सीधा था:
“स्टार्ट अर्ली… सोचते मत रहो। बहुत ज्यादा लोग सोचते रहते हैं, कुछ करते नहीं है। इंप्लीमेंटेशन करना इंपॉर्टेंट है। जो भी डिसीजन है आज लेना है, कल नहीं लेना।”
पूर्वेश ने यह भी माना कि शुरुआत में घरवालों को समझ नहीं आता था कि वो असल में करते क्या हैं — इंजीनियरिंग के दौरान भी सवाल उठते रहे। लेकिन जैसे ही कमाई नजर आने लगी, घरवालों का भरोसा भी बन गया। अगर आप भी एक भरोसेमंद घर बैठे बिजनेस आइडिया तलाश रहे हैं, तो पूर्वेश की कहानी बताती है कि सही स्ट्रैटेजी और धैर्य के साथ डिजिटल प्रोडक्ट्स और एफिलिएट मार्केटिंग एक टिकाऊ इनकम स्ट्रीम बन सकती है।
होस्ट अभिषेक व्यास के साथ पूरी बातचीत देखिए द फाउंडर्स ड्रीम यूट्यूब चैनल पर, और हर हफ़्ते नए फाउंडर इंटरव्यू के लिए सब्सक्राइब कीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इंडिया और इंटरनेशनल एफिलिएट मार्केटिंग में कमीशन का क्या फर्क है?
पूर्वेश महाजन के मुताबिक इंडिया में एफिलिएट कमीशन बहुत कम मिलता है जबकि इंटरनेशनल मार्केट में, खासकर डिजिटल प्रोडक्ट्स पर, 50-60% तक कमीशन मिल सकता है।
डिजिटल प्रोडक्ट्स फिजिकल प्रोडक्ट्स से बेहतर क्यों हैं?
फिजिकल प्रोडक्ट में फ्रॉड के चांस ज्यादा होते हैं और कमीशन सिर्फ एक बार मिलता है, जबकि डिजिटल प्रोडक्ट में ग्राहक के सब्सक्रिप्शन रिन्यू करने पर बार-बार कमीशन मिलता रहता है।
SellU IQ क्या है?
SellU IQ पूर्वेश महाजन का प्लेटफॉर्म है जो एफिलिएट्स और वेंडर्स को कनेक्ट करता है, जहां एफिलिएट्स डिजिटल प्रोडक्ट्स प्रमोट कर 50-60% तक कमीशन कमा सकते हैं और पेआउट 7 दिन में मिलता है।
एफिलिएट मार्केटिंग में बिगिनर को किन चीजों पर फोकस करना चाहिए?
पूर्वेश के मुताबिक बिगिनर को सिर्फ तीन चीजों पर फोकस करना चाहिए — ट्रैफिक लाना, एड्स चलाना और एआई सिस्टम बनाना, ये तीनों मिलकर ऑटोमेटिक कमाई शुरू करवा देते हैं।
पूर्वेश महाजन को पहली कमाई शुरू करने में कितना समय लगा?
पूर्वेश ने 2019 में YouTube से शुरुआत की थी जो फ्लॉप रही, फिर 2022 में डिजिटल मार्केटिंग शुरू की और धीरे-धीरे $10 से $50 और फिर $1000 प्रति माह तक पहुंचे।


