द फाउंडर्स ड्रीम पॉडकास्ट में होस्ट अभिषेक व्यास ने इस बार PNK Beauty की फाउंडर्स से बात की, और यह Priya Payal & Dr. Kavita Nishchal इंटरव्यू ध्यान से सुनने लायक है — क्योंकि यह सिर्फ एक ब्यूटी ब्रांड बनाने की बात नहीं है, बल्कि इंडियन स्किन के बारे में फैली गलतफहमियों को तोड़ने की भी कोशिश है। दोनों फाउंडर्स ने बहुत साफ तौर पर कहा कि “केमिकल-फ्री” जैसा दावा असल में साइंस नहीं, सिर्फ मार्केटिंग है। इस बातचीत में स्किनकेयर साइंस, महिला उद्यमी होने की असली चुनौतियां और D2C ब्रांड्स की डिलीवरी दिक्कतें — सब कुछ बहुत सीधे तरीके से सामने आया।
केमिकल फ्री का मिथ: PNK Beauty फाउंडर्स की सच्चाई
Dr. Kavita Nishchal ने शुरुआत में ही एक बात साफ कर दी कि इंडस्ट्री का सबसे बड़ा झूठ खुद “केमिकल फ्री” का दावा है। उनका कहना था:
केमिकल फ्री कोई साइंटिफिक फैक्ट नहीं है। एक मार्केटिंग प्रॉप है।
उन्होंने आगे समझाया कि पानी भी एक केमिकल है, जिसे H2O कहा जाता है, और बिना केमिकल के कोई भी प्रोडक्ट फॉर्मूलेट ही नहीं किया जा सकता। असली सवाल यह नहीं होना चाहिए कि प्रोडक्ट में केमिकल है या नहीं, बल्कि यह होना चाहिए कि वो केमिकल सेफ है या डेंजरस, और उसका लॉन्ग टर्म हेल्थ इम्पैक्ट कैसा है। PNK Beauty खुद के लिए “100% ऑर्गेनिक” जैसा क्लेम नहीं करता, बल्कि “सेफ केमिकल्स” का दावा करता है, जिसमें इंग्रेडिएंट को नेचुरल फॉर्म में ही रखा जाता है ताकि उसकी efficacy और शरीर पर असर दोनों सही रहें।
इंडियन स्किन vs कोरियन स्किनकेयर — मेलानिन की ताकत
कोरियन ब्यूटी प्रोडक्ट्स के भारत में सीधे आ जाने पर Dr. Kavita Nishchal की राय बहुत स्पष्ट थी। उनका कहना था कि इंडियन स्किन दरअसल दुनिया की सबसे हेल्दी स्किन में से एक है:
इंडियन स्किन सबसे हेल्थियर स्किन है क्योंकि आपका मेलालिन इतना ज्यादा है कि प्रोटेक्शन आपको ज्यादा दे रहा है। तो आपके साथ तो मोस्टली तो प्रॉब्लम है ही नहीं स्किन का। स्किन का प्रॉब्लम तो गोरों के साथ ही है।
उनके मुताबिक फेयर स्किन की डिमांड ज्यादातर उन सेगमेंट्स में दिखती है जहां लोग अंडर-प्रिविलेज्ड हैं या जिनका एक्सपोज़र कम रहा है, और सोसाइटी का प्रेशर उन्हें एक तय ब्यूटी स्टैंडर्ड की तरफ धकेलता है। उनका मानना है कि स्किनकेयर असल में पर्सनल केयर है, कलर चेंज करने का टूल नहीं — और कॉन्फिडेंस के बिना कोई भी प्रोडक्ट ब्यूटी नहीं दे सकता।
PNK Beauty की शुरुआत कैसे हुई — पैशन, नेचर और नॉलेज से बना ब्रांड
ब्रांड का नाम PNK रखने के पीछे भी एक सोची-समझी वजह है — Passion, Nature और Knowledge, यानी पैशन से ड्रिवन, नेचर से इंस्पायर्ड और नॉलेज से डेवलप किया गया ब्रांड। Dr. Kavita Nishchal ने बताया कि उन्होंने बॉटनी में पीएचडी की है और एक किसान परिवार में, गांव में बड़ी हुई हैं, जहां प्लांट्स और होम रेमेडीज को उन्होंने किताबों से नहीं, बल्कि जीकर सीखा। यही कॉम्बिनेशन — फॉर्मल एजुकेशन और लाइव्ड एक्सपीरियंस — उनकी ब्रांड बनाने की नींव बना।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने यह सफर जीवन के दूसरे फेज़ में शुरू किया, उस उम्र में जब ज्यादातर लोग रिटायरमेंट की तरफ बढ़ते हैं। उनका कहना था कि एक्सपीरियंस और जिम्मेदारियां निभाने के बाद लिया गया रिस्क, फेल होने का चांस भी कम रखता है। जैसा कई फाउंडर्स ने साबित किया है, पॉडकास्ट पर आकर अपनी कहानी खुलकर बताना एक ब्रांड को असली और भरोसेमंद बनाने का असरदार तरीका है, और PNK Beauty की फाउंडर्स भी यही कर रही हैं। उनके पिता का एक कोट भी इसी सोच को दिखाता है — “नाधा तो आधा”, यानी शुरू कर दिया तो आधा सफर पूरा हो गया, बहुत ज्यादा प्लानिंग में अटकने की जरूरत नहीं है।
महिला उद्यमी होने की असली चुनौती
जब पूछा गया कि महिला उद्यमी होने के नाते किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा, Priya Payal का जवाब सीधा था:
एज अ वुमेन एंटरप्रेन्योर में कोई ऐसा चैलेंज नहीं दिखता है। चैलेंज अनदर टाइप का है। चाहे वो बिजनेस में हो या होम में हो, ज्यादा आपको प्रूफ ज्यादा करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग विजिट जैसे काम में मेल-डोमिनेंट सोसाइटी का असर आज भी दिखता है, लेकिन उनकी कंपनी में लगभग 150 महिलाएं काम करती हैं, और यह टीम बहुत मजबूती से काम संभालती है। एक और चुनौती उन्होंने खासतौर पर उठाई — जब कोई हाउसवाइफ 15-16 साल घर संभालने के बाद बिजनेस शुरू करती है, तो परिवार और आस-पास के लोगों को यह मानने में वक्त लगता है कि अब वो पहले जितनी “उपलब्ध” नहीं रह सकती। यह एक्सेप्टेंस पाना ही सबसे बड़ा संघर्ष होता है।
D2C ब्रांड्स के लिए डिलीवरी बनी सबसे बड़ी चुनौती
प्रोडक्ट बनाने से ज्यादा मुश्किल निकला उसे कस्टमर तक पहुंचाना। Priya Payal ने साफ कहा:
फार्मूला बनाना लैब में इजी है … बट उसको कस्टमर तक पहुंचाना सबसे बड़ा चैलेंज है।
उन्होंने एक चौंकाने वाली बात शेयर की — कई बार कूरियर पार्टनर अपने डिलीवरी हब से कस्टमर को कॉल करके कहते हैं कि यह प्रोडक्ट फेक हो सकता है और ऑर्डर कैंसिल कर दो, या OTP शेयर करने को कहते हैं। इसके लिए PNK Beauty ने खुद एक डिस्पैच टीम बनाई है जो हर ऑर्डर पर फॉलो-अप लेती है और RTO मैनेज करती है — यह एक्स्ट्रा कॉस्ट है जो सिर्फ इसलिए आती है क्योंकि लॉजिस्टिक्स सिस्टम पारदर्शी नहीं है। जो भी कोई स्टार्टअप कैसे शुरू करें जैसे सवाल के साथ D2C स्पेस में उतरने की सोच रहा है, उसके लिए यह सबक साफ है — प्रोडक्ट से पहले लास्ट-माइल डिलीवरी का प्लान भी उतना ही जरूरी है।
प्रोडक्ट के पीछे की साइंस — कोल्ड प्रेस ऑयल से अंडर आई सीरम तक
PNK Beauty के फेस ऑयल कोल्ड प्रेस मेथड से बनते हैं, जिसमें हाई हीट का इस्तेमाल नहीं होता ताकि पॉलीफेनोल, फ्लेवनॉइड्स और एंजाइम्स जैसे बायोएक्टिव इंग्रेडिएंट्स डिनेचर न हों। इसी वजह से यह प्रोसेस स्लो और महंगा है, लेकिन इंग्रेडिएंट्स की efficacy बनी रहती है। फेस ऑयल रेंज में चार वैरिएंट हैं — ल्यूमिनस (24 कैरेट गोल्ड फ्लेक्स के साथ), इनफिनिटी (पिगमेंटेशन और एक्ने के लिए), फर्मलिफ्ट (मैच्योर स्किन के लिए मसाज-फ्रेंडली) और रिन्यू (रात के लिए, कुमकुम और चंदन के साथ)।
ब्रांड का सबसे ज्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट अंडर-आई सीरम है, जो लॉन्च के तीन-चार महीने में ही आउट-ऑफ-स्टॉक हो गया था। इसमें पपाया और पोटैटो एक्सट्रैक्ट डार्क सर्कल और पिगमेंटेशन के लिए काम करते हैं, जबकि पैकेजिंग में लगे छोटे एसएस रोलर लिम्फेटिक सर्कुलेशन को बूस्ट करके पफनेस को लॉन्ग टर्म में कम करते हैं — यह मार्केट में मौजूद कैफीन-बेस्ड प्रोडक्ट्स से अलग तरीका है, जो सिर्फ ब्लड वेसल्स को शॉर्ट-टर्म के लिए कॉन्ट्रैक्ट करते हैं। इसमें असली गोल्ड फ्लेक्स और कश्मीर से खासतौर पर मंगाया गया केसर भी है, जिसके लिए फाउंडर्स ने खुद कश्मीर विजिट किया।
- फेस वॉश, फेस ऑयल, मॉइस्चराइज़र, टोनर, सीरम और अंडर-आई — यह पूरी रेंज है, 10-स्टेप स्किनकेयर नहीं।
- फॉर्मुलेशन को फाइनल करने में डेढ़ साल लगे और 36 सैंपल रिजेक्ट किए गए, सिर्फ ऑयल एडल्ट्रेशन की क्वालिटी चेक करने के लिए।
- ब्रांड ट्रेंड फॉलो नहीं करता — सेम फॉर्मूलेशन आगे भी बरकरार रखने की नीति है, सिर्फ रिव्यू बेस्ड छोटे करेक्शन होते हैं।
यही वजह है कि इसे PNK Beauty की सफलता की कहानी कहा जा सकता है — प्रोडक्ट साइंस, फैमिली रूट्स और कस्टमर एजुकेशन का एक कॉम्बिनेशन, जो शॉर्टकट की बजाय धीमे और मजबूत रास्ते पर चलता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या स्किनकेयर प्रोडक्ट्स सच में केमिकल-फ्री हो सकते हैं?
नहीं, PNK Beauty की फाउंडर्स के मुताबिक कोई भी प्रोडक्ट केमिकल-फ्री नहीं हो सकता क्योंकि पानी भी एक केमिकल है जिसे H2O कहते हैं, असली सवाल यह है कि इस्तेमाल हुआ केमिकल सेफ है या नहीं।
PNK Beauty नाम का मतलब क्या है?
PNK का मतलब है Passion, Nature और Knowledge, यानी पैशन से ड्रिवन, नेचर से इंस्पायर्ड और नॉलेज से डेवलप किया गया ब्रांड।
क्या इंडियन स्किन को कोरियन स्किनकेयर प्रोडक्ट्स की जरूरत है?
फाउंडर्स के अनुसार नहीं, इंडियन स्किन में मेलानिन ज्यादा होने से नैचुरल प्रोटेक्शन पहले से मिला हुआ है, इसलिए विदेशी स्किन टाइप के लिए बने प्रोडक्ट्स की नकल करना सही तरीका नहीं है।
D2C स्किनकेयर ब्रांड्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
फाउंडर्स के मुताबिक सबसे बड़ी चुनौती लास्ट-माइल डिलीवरी है, जहां कूरियर पार्टनर कस्टमर को फेक कॉल करके ऑर्डर कैंसिल करवा देते हैं।
PNK Beauty का अंडर आई प्रोडक्ट सबसे ज्यादा क्यों बिकता है?
इसमें पपाया और पोटैटो एक्सट्रैक्ट, असली गोल्ड फ्लेक्स और कश्मीरी केसर है, साथ ही पैकेजिंग में लगे एसएस रोलर लिम्फेटिक ड्रेनेज को बेहतर करके पफनेस लॉन्ग टर्म में कम करते हैं।


